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Monday, July 7, 2008

गिरती तहज़ीब - 'उर्दू'

ग़ालिब जिसे कहते हैं, उर्दू का ही शायर था

उर्दू पे सितम ढा कर, ग़ालिब पे करम क्यों है.

- साहिर लुधियानवी